विश्वास अरु कर्म
14 हे मरो भैइहोन, अगर कोय भी बोले की मेखे विश्वास हइ पर उ कर्म नी बोलस हय, ते यो का लाभ? का असो विश्वास कभी ओकासे उद्दार करी सकस हइ 17 वोसो विश्वास भी, अगर कर्म सहित नी होस ते अपनो स्वभाव मे मऱ्यो हुयो हइ.
18 क्युकी कोय भी बोली सकस हइ "तोखे विश्वास हइ अरु मी कर्म करस हय." तू अपनो विश्वास मेखे कर्म बिना ते दिख्यो. अरु मी अपनो विश्वास अपना काम का वजेसे तोखे बतायु. 24 यो प्रकार तु ने देखी लियो कि इंन्सान फक्त विश्वास से ही नी कि जब धर्मी काम से भी न्याय ठैइरस हइ.
26 अगर जसो आंग आत्मा बिना मऱ्यो हुयो हइ, ओसो हि विश्वास भी कर्म बिना मऱ्यो हुयो हइ.