मय ऊंद: अंग हापाळ
12 १२:१२ रोमियों १२:४,५ यतिकी या प्रकार शरीर रा ऊंद आद अदिक अदुरव अंग हापाळ सा आव, अदिक आ ऊंद शरीर इन सप्पा अंग हापाळ आगदुर मा भी सप्पा मिलुसकु ऊंद अच शरीर आद, अदा प्रकार मसीह अन्द मय भी आद. 13 यतिकी नाव सप्पा मुंदुर येन यहूदी आगुल येन गैरयहूदी, येन दास आगुल येन स्वतंत्र, ऊंद अच आत्मा अन्द द्वारा ऊंद शरीर आगोर साटी बपतिस्मा ताकोंडेव, अदिक नाव सप्पा मुंदरी ऊंद अच परमेश्वर उन आत्मा कोटकु आग्याद.
14 इदुरसाटी कि शरीर दा ऊंद अच अंग ईला लेकीन हापाळ सा आव. 15 अगर काल अनुल, "ना कय आलच, इदुरसाटी शरीर इन आलच," रा येन अद ई कारण शरीर इन आलच? 16 अदिक अगर किव अनुल, "ना कण्ण आलच, इदुरसाटी शरीर इन आलच," रा येन अद ई कारण शरीर इन आलच? 17 अगर पुरा शरीर कण्ण अच आगाईत रा केळोद यल टु आगाईत? अगर पुरा शरीर किव अच आगाईत, रा सूँघसोद यल टु आगाईत? 18 लेकीन परमेश्वर अंगगोळी तान इच्छा अन्द अनुसार ऊंद ऊंद माळकु मय दा ईट्यान. 19 अगर आंदुर सप्पा ऊंद अच अंग ईरायदुर, रा मय यल ईराईत? 20 लेकीन ईग अंग रा हापाळ सा आव, लेकीन मय ऊंद अच आद.
21 कण्ण कय देल अन सकाल्द, "नानी नींद जरवत हैलेच," अदिक ना ताल्ला कालगोळ देल अन सकतद, "नानी नीम्द जरवत हैलेच." 22 लेकीन मय इन आ अंग जो दुसरागोळ देल निर्बल हतताव, हापाळ अच जरवत आद; 23 अदिक मय इन या अंगगोळी इक यदरी तोर्सोर देल नामी शरम बरतद हिंग अंगगोळी नाव वळ्लीद तरीका देल मुचतेव. अदरी नाव आदर इन योग्य समसालेव आंदरी अक अच नाव यक्कुल आदर कोळतेव; अदिक नामव जंग अंग अदिक भी हापाळ सुंदर आगेगताव. 24 तरी भी नाम्द सुंदर अंगगोळी इक इदुर जरवत हैलेच. लेकीन परमेश्वर मय इक हिंग माळ कोंडुन कि या अंग इक आदर इन कमी ईरोद अदरी का अदिक भी हापाळ आदर सिकतद. 25 ताकी मय दा फूट बिळ बाळुल, लेकीन अंग इन अवयव आबुर दाबुर बराबर चिन्ता माळुल. 26 इदुरसाटी अगर ऊंद अंग इन हिस्सा अक दुख सिकतद, रा सब अंगगोळ हिस्सा अक अदुर सांगुळ दुख सिकताव; अदिक अगर ऊंद अंग इनव हिस्सा अन बळाई आगतद, रा अदुर सांगुळ सब अंग आनन्द माळताव.
27 ई प्रकार नीव सब मिलुसकु मसीह इन मय हुईर, अदिक अलग अलग आऊनव अंग हुईर;