10 अगर यावारा मंळसा नीन घाई ग्यानी इक मूर्ति इन मंदिर दा ऊमतेला नोळ्यान अदिक आव निर्बल जन आगुल रा येन इदुर देल आऊन विवेक इक मूर्ति इन मुंद बली माळ्द वस्तु तिनोद हिम्मत आगतीदील. 11 ई रीति देल अपमान ग्यान इन कारण आव निर्बल वार्ट यार्द साटी मसीह सोत्तुन, नाश आगेदान. 12 ई प्रकार वार्टगोळ विरूद्ध अपराध माळदुर देल अदिक आदुर्द निर्बल मन इक दुख पोहचुसदुर देल, नीव मसीह अन्द विरूद्ध अपराध माळतीर. 13 ई कारण अगर ऊमोद नान वार्ट उक ठोकर तिनसीत, रा ना यागलु यातारा रीति देल मॉदरा तिनतीदील, ना आगुल कि ना तान वार्ट उन साटी ठोकर इन कारण बनसाईन.
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