10 यतिकी परमेश्वर-भक्ति इन दुख हिंग पश्चाताप पैदा माळतान यदुर्द परिणाम उद्धार आद अदिक बाक अदुर देल पछतासोद बिळाल. लेकीन दुनिया अक दुख मृत्यु पैदा माळतद. 11 इदुरसाटी नोळी ईदा मात देल कि नीमी परमेश्वर उन दी टु बरोद दुख आत नीम दा याट उत्साह अदिक खुद इक उळसोद इच्छा अदिक हतास, अदिक अंज्क, अदिक लालसा, अदिक आस्था अदिक न्याय कोळोद विचार पैदा आत? नीव हर प्रकार देल ईद सिद्ध माळकु तोर्सदीर कि नीव ई मात दा निर्दोष आईर.
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