3 इंदुर दा नाव भी सप्पा अच मुंदुर पयला तान मय इन लालसागोळ दा दिन बितुसेव, अदिक मय अदिक मन इन इच्छागोळी पुरा माळेव, अदिक अन्य लॉकुर घाई स्वभाव देल सिट्ट इन औलाद ईरेव.
4 लेकीन परमेश्वर जो दया अन्द धनी आन, तान आ धोळ प्यार इन कारण यार देल आव नाम से प्यार माळदुन, 5 याग नाव अपराधगोळ्द कारण सोतकु ईरेव रा नामी मसीह अन्द सांगुळ जित्ता माळदुन अनुग्रह देल अच नीम्द उद्धार आत,