21 चिग्द हाळोद समय आर्त इक दुख आगतद, यतिकी आकिन दुख इन घळी होट बंदाद, लेकीन याग आक चिग्द उक जनम कोट बुळतार, रा ईद खुशी देल कि दुनिया दा ऊंद मंळसा पैदा आदुन, आ संकट इक बाक याद माळालुर.
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21 चिग्द हाळोद समय आर्त इक दुख आगतद, यतिकी आकिन दुख इन घळी होट बंदाद, लेकीन याग आक चिग्द उक जनम कोट बुळतार, रा ईद खुशी देल कि दुनिया दा ऊंद मंळसा पैदा आदुन, आ संकट इक बाक याद माळालुर.