आखरी न्याय
31 २५:३१ मत्ती १६:२७; मत्ती १९:२८ "याग मंळसा अन पार तान महिमा दा बंदान अदिक सप्पा स्वर्गदूत आऊन सांगुळ बंदार, रा आव तान महिमा अन्द सिंहासन मा विराजमान आदान. 32 अदिक सप्पा राज्य अन लॉकुर आऊन मुंद जमा माळकु आदार; अदिक ह्यांग चरवाह लांडग्यागोळी मरगोळ से अलग माळ बुळतान, हांग अच आव आंदरी आबुर दाबुर से अलग माळ्यान. 33 आव लांडग्यागोळी ऊम्मा कय मा अदिक मरगोळी डाक्या कय मा नीदरूस्यान.