धन्य वचन
3 धन्य आर आंदुर, जो मन देल गरीब आर,
यतिकी स्वर्ग इन राज्य आंदुर दा आद.
4 "धन्य आर आंदुर, जो शोक माळतार,
यतिकी आंदरी दिलासा सिक्कीत.
5 धन्य आर आंदुर, जो नम्र आर,
यतिकी आंदुर धरती इन वारीसदार आदार."
6 "धन्य आर आंदुर, जो न्यायीपन इन हस्तकु अदिक निरळ्ककु आर,
यतिकी आंदुर संतुष्ट माळकु आदार."
7 "धन्य आर आंदुर, जो दयालु आर,
यतिकी आंदुर मा दया माळकु आदीत."
8 धन्य आर आंदुर, यार्द मन शुद्ध आव,
यतिकी आंदुर परमेश्वर उक नोळ्यार.
9 धन्य आर आंदुर, जो मेल माळावाळेर आर,
यतिकी आंदुर परमेश्वर उन चिकोर कहलुस्यार.
10 ५:१० १ पतरस ३:१४ धन्य आर आंदुर, जो न्यायीपन इन कारण सतुस्कु आगतार,
यतिकी स्वर्ग इन राज्य आंदुर्द अच हुन.
11 ५:११ १ पतरस ४:१४ धन्य आईर नीव, याग मंळसा नान कारण नीम्द अपमान माळ्यान, अदिक सतुस्यान अदिक ख्वाटा माताळ माताळकु नीम्द विरोध दा सब प्रकार इन बुरा मात अंदान. 12 ५:१२ प्रेरितगोळ ७:५२आग खुश अदिक मगन ईरेतीर, यतिकी नीम साटी स्वर्ग दा धोळ्द प्रतिफल आद. यतिकी आंदुर आ भविष्यवक्तागोळी भी जो नीम से पयले ईरोर ईदा रीति देल सतुसीदुर.