6 इसलिए परमेश्वर के बलवंत हाथ के नीचे दीनता से रहो, ताकि वह तुम्हें उचित समय पर ऊँचा उठाए। 7 अपनी सारी चिंता उसी पर डाल दो, क्योंकि वह तुम्हारा ध्यान रखता है। 8 सचेत और जागते रहो। तुम्हारा विरोधी शैतान, गरजनेवाले सिंह के समान इस ताक में रहता है कि किसको फाड़ खाए। 9 विश्वास में दृढ़ होकर उसका सामना करो और यह जान लो कि तुम्हारे भाई जो इस संसार में हैं, इसी प्रकार दुःख सह रहे हैं। 10 अब परमेश्वर जो समस्त अनुग्रह का दाता है, और जिसने तुम्हें5:10 कुछ हस्तलेखों में "तुम्हें" के स्थान पर "हमें" लिखा है। मसीह5:10 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "यीशु" लिखा है। में अपनी अनंत महिमा के लिए बुलाया है, वह तुम्हारे थोड़ी देर तक दुःख उठाने के बाद स्वयं तुम्हें सिद्ध, ढृढ़, बलवंत और स्थिर करेगा।
पतरस की पहली पत्री 5:6-10
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- OHSS Hindi Contemporary Version
6 इसलिये परमेश्वर के सामर्थ्यी हाथों के नीचे स्वयं को दीन बनाए रखो कि वह तुम्हें सही समय पर बढ़ाएं. 7 अपनी सारी चिंता का बोझ परमेश्वर पर डाल दो क्योंकि वह तुम्हारा ध्यान रखते हैं.
8 धीरज रखो, सावधान रहो. तुम्हारा विरोधी शैतान गरजते हुए सिंह जैसे इस खोज में फिरता रहता है कि किसको फाड़ खाए. 9 विश्वास में स्थिर रहकर उसका सामना करो क्योंकि तुम जानते हो कि इस संसार में साथी विश्वासी इसी प्रकार दुःख-भोग रहे हैं.
10 जब तुम थोड़े समय के लिए दुःख-भोग चुके होगे तब सारे अनुग्रह के परमेश्वर, जिन्होंने तुम्हें मसीह में अपनी अनंत काल की महिमा में आमंत्रित किया है, स्वयं तुम्हें सिद्ध, स्थिर, मजबूत तथा प्रतिष्ठित करेंगे.
- IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019
6 इसलिए परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो5:6 दीनता से रहो: एक छोटा स्थान या पद लेने के लिए तैयार रहो, इस प्रकार, जैसे वह स्थान आपके लिए है। जो आप से सम्बंधित नहीं हैं उसके लिए अहंकार मत करो।, जिससे वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। 7 अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 8 सचेत हो5:8 सचेत हो: इसका मतलब हैं कि शैतान के चाल और शक्ति के विरुद्ध हम अपने आपकी रखवाली करें।, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किसको फाड़ खाए। 9 विश्वास में दृढ़ होकर, और यह जानकर उसका सामना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुःख भुगत रहे हैं। 10 अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुःख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्त करेगा5:10 बलवन्त करेगा: परीक्षाओं के माध्यम से, दुःख की प्रवृत्ति हमें मजबूत बनाने के लिए है।।
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