17 अब सनातन राजा, अर्थात् अविनाशी, अदृश्य और एकमात्र* परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
17 अब सनातन राजा, अर्थात् अविनाशी, अदृश्य और एकमात्र* परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।