18 यह सब परमेश्वर की ओर से हुआ है, जिसने5:18 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "यीशु" लिखा है। मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और हमें मेल-मिलाप की सेवा सौंप दी है; 19 अर्थात् परमेश्वर ने मसीह में होकर संसार का अपने साथ मेल-मिलाप कर लिया और उनके अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया, और मेल-मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है। 20 इसलिए हम मसीह के राजदूत हैं और परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है; हम मसीह की ओर से विनती करते हैं कि तुम परमेश्वर से मेल-मिलाप कर लो। 21 वह जो पाप से अनजान था, उसे परमेश्वर ने हमारे लिए पाप ठहराया कि हम उसमें परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएँ।
कुरिंथियों की दूसरी पत्री 5:18-21
Em outras traduções
- OHSS Hindi Contemporary Version
18 यह सब परमेश्वर की ओर से है, जिन्होंने मसीह के द्वारा स्वयं से हमारा मेल-मिलाप किया और हमें मेल-मिलाप की सेवकाई सौंपी है. 19 दूसरे शब्दों में, परमेश्वर ने संसार के खुद से मेल-मिलाप की स्थापना की प्रक्रिया में मसीह में मनुष्य के अपराधों का हिसाब न रखा. अब उन्होंने हमें मेल-मिलाप की सेवकाई सौंप दी है. 20 इसलिये हम मसीह के राजदूत हैं. परमेश्वर हमारे द्वारा तुमसे विनती कर रहे हैं. मसीह की ओर से तुमसे हमारी विनती है: परमेश्वर से मेल-मिलाप कर लो. 21 वह, जो निष्पाप थे, उन्हें परमेश्वर ने हमारे लिए पाप5:21 या पापार्पण बना दिया कि हम उनमें परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं.
- IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019
18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं5:18 सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं: पौलुस विश्वास करता है कि केवल ये सब बातें परमेश्वर की ओर से तैयार किया गया हैं, परन्तु यह सब बातें उसकी दिशा के तहत किया गया है, और उसके नियंत्रण के अधीन है।, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल मिलाप कर लिया, और मेल मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। 19 अर्थात् परमेश्वर ने मसीह में होकर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उनके अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
20 इसलिए हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। (इफि. 6:10, मला. 2:7) 21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उसमें होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएँ।
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