मेमना और 1,44,000 लोग
1 फिर मैंने दृष्टि की, और देखो, वह मेमना सिय्योन पहाड़ पर खड़ा हुआ था और उसके साथ एक लाख चौवालीस हज़ार लोग थे, जिनके माथे पर उसका नाम और उसके पिता का नाम लिखा हुआ था। 2 फिर मैंने स्वर्ग में से बहुत सी जल-धाराओं और भयंकर गर्जन के समान एक आवाज़ सुनी; और मैंने जो आवाज़ सुनी वह ऐसी थी मानो वीणा बजानेवाले अपनी वीणाएँ बजा रहे हों। 3 वे सिंहासन, चारों प्राणियों और प्रवरों के सामने एक नया गीत गा रहे थे; परंतु उस गीत को उन एक लाख चौवालीस हज़ार लोगों को छोड़, जो पृथ्वी पर से छुड़ा लिए गए थे, कोई और नहीं सीख सकता था। 4 ये वे हैं जो स्त्रियों के साथ अशुद्ध नहीं हुए, और कुँवारे हैं। ये वे हैं, जो मेमने के पीछे-पीछे जहाँ कहीं वह जाता है चलते हैं। ये परमेश्वर और मेमने के लिए प्रथम फल के रूप में मनुष्यों में से छुड़ा लिए गए हैं। 5 इनके मुँह से कभी झूठ नहीं निकला था, वे14:5 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "परमेश्वर के सिंहासन के सामने" लिखा है। निर्दोष हैं।