11 हे हमारे प्रभु और परमेश्वर!
तू ही महिमा, आदर
और सामर्थ्य के योग्य है,
क्योंकि तूने ही सब वस्तुओं को सृजा है,
और तेरी ही इच्छा से वे सृजी गईं
और अस्तित्व में हैं।
11 हे हमारे प्रभु और परमेश्वर!
तू ही महिमा, आदर
और सामर्थ्य के योग्य है,
क्योंकि तूने ही सब वस्तुओं को सृजा है,
और तेरी ही इच्छा से वे सृजी गईं
और अस्तित्व में हैं।