4 परत परमशवर न ज दय क धन ह, अपन उस बड़ परम क करण ज उसन हमस कय, 5 हम मसह क सथ जवत कय जबक हम अपरध म मर हए थ (अनगरह स ह तमहर उदधर हआ ह)
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4 परत परमशवर न ज दय क धन ह, अपन उस बड़ परम क करण ज उसन हमस कय, 5 हम मसह क सथ जवत कय जबक हम अपरध म मर हए थ (अनगरह स ह तमहर उदधर हआ ह)