मसीह में स्वतंत्रता
1 मसीह ने स्वतंत्रता के लिए हमें स्वतंत्र किया है; इसलिए स्थिर रहो और दासत्व के जुए में फिर से न जुतो।
2 देखो, मैं पौलुस तुमसे कहता हूँ कि यदि तुम ख़तना कराते हो तो मसीह से तुम्हें कोई लाभ नहीं होगा। 3 मैं ख़तना करानेवाले प्रत्येक मनुष्य को फिर से बता देता हूँ कि वह संपूर्ण व्यवस्था का पालन करने के लिए बाध्य है। 4 तुम जो व्यवस्था के द्वारा धर्मी ठहरना चाहते हो, मसीह से अलग और अनुग्रह से वंचित हो गए हो। 5 क्योंकि आत्मा के द्वारा हम विश्वास से उस धार्मिकता की उत्सुकतापूर्वक प्रतीक्षा करते हैं जिसकी हमें आशा है। 6 मसीह यीशु में न तो ख़तने का कुछ महत्त्व है और न ही बिना ख़तने का, परंतु केवल उस विश्वास का जो प्रेम के द्वारा कार्य करता है।