32 परंतु उन बीते हुए दिनों को स्मरण करो, जिनमें तुम ज्योति प्राप्त करने के बाद कष्टों के बड़े संघर्ष में भी स्थिर रहे; 33 कभी तो तुम निंदा और कष्ट सहते हुए खुलेआम तमाशा बने, तो कभी तुम उनके भागीदार बने जिनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। 34 तुमने बंदियों के साथ10:34 कुछ हस्तलेखों में "बंदियों के साथ" के स्थान पर "मेरे बंधनों में" लिखा है। सहानुभूति दिखाई और अपनी संपत्ति के लुटने को यह जानकर आनंद के साथ स्वीकार कर लिया, कि तुम्हारे पास10:34 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "स्वर्ग में" लिखा है। उत्तम और चिरस्थाई संपत्ति है।
इब्रानियों 10:32-34
Em outras traduções
- OHSS Hindi Contemporary Version
32 उन प्रारंभिक दिनों की स्थिति को याद करो जब ज्ञान प्राप्त करने के बाद तुम कष्टों की स्थिति में संघर्ष करते रहे 33 कुछ तो सार्वजनिक रूप से उपहास पात्र बनाए जाकर निंदा तथा कष्टों के द्वारा और कुछ इसी प्रकार के व्यवहार को सह रहे अन्य विश्वासियों का साथ देने के कारण. 34 तुमने उन पर सहानुभूति व्यक्त की, जो बंदी बनाए गए थे तथा तुमने संपत्ति के छीन जाने को भी इसलिये सहर्ष स्वीकार कर लिया कि तुम्हें यह मालूम था कि निश्चित ही उत्तम और स्थायी है तुम्हारी संपदा.
- IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019
32 परन्तु उन पहले दिनों को स्मरण करो, जिनमें तुम ज्योति पाकर दुःखों के बड़े संघर्ष में स्थिर रहे। 33 कुछ तो यह, कि तुम निन्दा, और क्लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यह, कि तुम उनके सहभागी हुए जिनकी दुर्दशा की जाती थी। 34 क्योंकि तुम कैदियों के दुःख में भी दुःखी हुए, और अपनी सम्पत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जानकर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरनेवाली सम्पत्ति है।
Direitos das traduções citadas
Estes versículos te tocaram? Ore agora!
+581 estão orando agora.
Junte-se à corrente de oração.