5 तुम उस उपदेश को भूल गए हो जो तुम्हें पुत्र के रूप में संबोधित करता है :
हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हल्का न जान,
और जब वह तुझे डाँटे तो हताश न हो;
6 क्योंकि प्रभु जिससे प्रेम रखता है उसकी ताड़ना भी करता है,
और उस प्रत्येक को जिसे वह अपना पुत्र मानता है, कोड़े भी मारता है।
7 तुम दुःख को ताड़ना समझकर सह लो। परमेश्वर तुम्हारे साथ पुत्र के समान व्यवहार करता है। ऐसा कौन सा पुत्र है जिसकी ताड़ना उसका पिता नहीं करता? 8 यदि वह ताड़ना जिसके भागी सब होते हैं, तुम्हारी नहीं हुई, तो तुम पुत्र नहीं बल्कि अवैध संतान हो। 9 फिर यह भी कि जब हमारे शारीरिक पिता हमारी ताड़ना किया करते थे तो हमने उनका आदर किया। तो क्या हम आत्माओं के पिता के और भी अधिक अधीन न रहें, जिससे कि जीवित रहें?