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João 6

ाँहज़ि

1 इन ों गलअरिििउस चलगया। 2 तब एक बड़उसकचल पड़ी, ोंि उन आश्‍चरयजनक ि्‍ों खते, वह ों पर िा। 3 िपहपर चढ़ गयऔर अपनिों वहाँ गया। 4 यहिों फसह परिकट ा। 5 जब अपनें उठकर ि एक बड़उसकचलरहै, उसनििकहा,"हम इनकििाँ कहाँ खरें?" 6 परवह उसपरखनियह कह रहा, ोंि वह वयनति वह करनै। 7 ििउसउततर िा, "6:7 दीनार : एक दीनार एक दिन की मज़दूरी के बराबर था। िाँ इनकिपर्‍नहीं ोंि हर एक ी-ि" 8 उसकिों ें एक अरशमपतरस िउससकहा, 9 "यहाँ एक लड़किसकाँिाँ और मछलिाँ ैं, परइतनों िैं?" 10 कहा,"ों 6:10 अक्षरशः बैठने दोो!" उस पर बही। तब ें लगभग ाँहज़े, गए11 िाँ ीं और धनयवकर6:11 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "शिष्यों को दीं और शिष्यों ने" लिखा है। ों ें ाँीं, उसरकउसनमछलिाँ ीं और ितनहते, ाँीं। 12 जब ्‍गए उसनअपनिों कहा,"बचकड़ों बटि नष्‍ो।" 13 अतउनोंबटि, और ाँिों कड़ों े, उन ों बच गए े, रह करिाँ भर ीं।

14 तब आश्‍चरयजनक ि्‍िा, उसखकर कहनलगे, "सचमयह वहभवियवक्‍ै, इस जगत ें आना।"

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