27 नाश होनेवाले भोजन के लिए नहीं बल्कि अनंत जीवन तक रहनेवाले उस भोजन के लिए परिश्रम करो जो मनुष्य का पुत्र तुम्हें देगा, क्योंकि पिता परमेश्वर ने उसी पर मुहर लगाई है।" 28 तब उन्होंने उससे पूछा, "परमेश्वर के कार्य करने के लिए हम क्या करें?" 29 इस पर यीशु ने उन्हें उत्तर दिया,"परमेश्वर का कार्य यह है कि तुम उस पर विश्वास करो जिसे उसने भेजा है।"
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