मरियम का स्तुतिगान
46 तब मरियम ने कहा :
मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है,
54,55 उसने सदा अपनी दया का स्मरण करके
अपने सेवक इस्राएल को संभाला,
जैसा उसने हमारे पूर्वजों से
अर्थात् अब्राहम और उसके वंशज से कहा था।
46 तब मरियम ने कहा :
मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है,
54,55 उसने सदा अपनी दया का स्मरण करके
अपने सेवक इस्राएल को संभाला,
जैसा उसने हमारे पूर्वजों से
अर्थात् अब्राहम और उसके वंशज से कहा था।
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