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लूका रचित सुसमाचार 15:11-13,20,22,24

HSB Hindi Standard Bible

खोए हुए पुत्र का दृष्‍टांत

11 फिर यीशु ने कहा :"किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। 12 उनमें से छोटे ने पिता से कहा, ‘हे पिता, संपत्ति में से जो मेरा भाग है, वह मुझे दे दे।’ अतः उसने उनमें संपत्ति बाँट दी। 13 अभी बहुत दिन नहीं बीते थे कि छोटा पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके दूर देश को चला गया, और वहाँ उसने भोग-विलास का जीवन बिताकर अपनी संपत्ति उड़ा दी।

20 "तब वह उठकर अपने पिता के पास जाने को चल पड़ा। अभी वह दूर ही था कि उसके पिता ने उसे देखा और उस पर तरस खाया तथा दौड़कर उसे गले लगा लिया और उसको बहुत चूमा। 22 परंतु पिता ने अपने दासों से कहा, ‘शीघ्र सब से अच्छा वस्‍त्र निकाल लाओ और उसे पहनाओ, तथा उसके हाथ में अँगूठी और पैरों में जूते पहनाओ, 24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, परंतु फिर से जीवित हो गया है; खो गया था, अब मिल गया है।’ और वे आनंद मनाने लगे।

Em outras traduções

  1. OHSS Hindi Contemporary Version

    11 प्रभु येशु ने आगे कहा, "किसी व्यक्ति के दो पुत्र थे. 12 छोटे पुत्र ने पिता से विनती की, ‘पिताजी, संपत्ति में से मेरा भाग मुझे दे दीजिए.’ इसलिये पिता ने दोनों पुत्रों में अपनी संपत्ति बांट दी.

    13 "शीघ्र ही छोटे पुत्र ने अपने भाग में आई सारी संपत्ति ली और एक दूर देश की ओर चला गया. वहां उसने अपना सारा धन मनमानी जीवनशैली में उड़ा दिया.

    20 इसलिये वह उठकर अपने पिता के पास लौट गया.

    "वह दूर ही था कि पिता ने उसे देख लिया और वह दया से भर गया. वह दौड़कर अपने पुत्र के पास गया और उसे गले लगाकर चूमता रहा.

    22 "किंतु पिता ने अपने सेवकों को आज्ञा दी, ‘बिना देर किए सबसे अच्छे वस्त्र लाकर इसे पहनाओ और इसकी उंगली में अंगूठी और पांवों में जूतियां भी पहनाओ; 24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, अब जीवित हो गया है; यह खो गया था किंतु अब मिल गया है.’ इसलिये वे सभी आनंद से भर गए.

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    11 फिर उसने कहा, "किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। 12 उनमें से छोटे ने पिता से कहा ‘हे पिता, सम्पत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए।’ उसने उनको अपनी सम्पत्ति बाँट दी। 13 और बहुत दिन न बीते थे कि छोटा पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया और वहाँ कुकर्म में अपनी सम्पत्ति उड़ा दी। (नीति. 29:3)

    20 "तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। 22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा, ‘झट अच्छे से अच्छा वस्त्र निकालकर उसे पहनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पाँवों में जूतियाँ पहनाओ, 24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था15:24 खो गया था: घर से दूर भटका हुआ था, और हम नहीं जानते कि वह कहाँ था।, अब मिल गया है।’ और वे आनन्द करने लगे।

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