विधवा और अधर्मी न्यायाधीश का दृष्टांत
1 फिर यीशु ने उनसे इस विषय में कि सदा प्रार्थना करना और निराश न होना कितना आवश्यक है, एक दृष्टांत कहा :
7 तो क्या परमेश्वर अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा जो दिन और रात उसे पुकारते रहते हैं? क्या वह उनके विषय में देर करेगा? 8 मैं तुमसे कहता हूँ कि वह शीघ्र उनका न्याय चुकाएगा। फिर भी जब मनुष्य का पुत्र आएगा, तो क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?"