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मरकुस रचित सुसमाचार 10

43 परममें ऐसनहीं ै, बलि ममें बड़बनने, उसवक बनना; 44 और ममें रथम े, वह सब बने। 45 ोंि मनकरनहीं बलि करनऔर बहों िअपनआया।"

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