मनुष्य का पतन
26 इसलिए परमेश्वर ने उन्हें तुच्छ वासनाओं के वश में छोड़ दिया; यहाँ तक कि उनकी स्त्रियों ने भी प्राकृतिक क्रिया को अप्राकृतिक में बदल डाला। 27 इसी प्रकार पुरुष भी स्त्री के साथ प्राकृतिक क्रिया को छोड़कर आपस में कामातुर होकर जलने लगे, और पुरुषों ने पुरुषों के साथ निर्लज्ज कार्य करके स्वयं अपने दुष्कर्म का उचित दंड पाया।