13 अब ज आश क परमशवर ह, वह तमहर वशवस करन म तमह सपरण आनद और शत स भर द, जसस तम पवतर आतम क समरथय क दवर आश स भरपर ह जओ।
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13 अब ज आश क परमशवर ह, वह तमहर वशवस करन म तमह सपरण आनद और शत स भर द, जसस तम पवतर आतम क समरथय क दवर आश स भरपर ह जओ।