12 धनय ह वह मनषय ज परकष म धरज धरत ह कयक वह खर उतरकर जवन क वह मकट पएग जसक परतजञ परभ न अपन परम रखनवल स क ह।
12 धनय ह वह मनषय ज परकष म धरज धरत ह कयक वह खर उतरकर जवन क वह मकट पएग जसक परतजञ परभ न अपन परम रखनवल स क ह।