4 देखो, तुम्हारे खेतों में फसल काटनेवाले मज़दूरों की मज़दूरी जो तुमने छल करके रख ली है, पुकारती है, और फसल काटनेवालों की चिल्लाहट सेनाओं के प्रभु के कानों तक जा पहुँची है।
16 इसलिए आपस में अपने-अपने पापों को मान लो और एक दूसरे के लिए प्रार्थना करो कि तुम स्वस्थ किए जाओ। धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
19 हे मेरे भाइयो, यदि तुममें से कोई सत्य से भटक जाए और दूसरा उसे फेर लाए, 20 तो वह यह जान ले कि जो किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह उसके प्राण को मृत्यु से बचाएगा और अनेक पापों को ढक देगा।