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1 João 1

वन वचन षण

1 उस वन वचन िषय ें आदि 1:1 जो आदि से था: यहाँ पर प्रभु यीशु मसीह को संदर्भित करता हैं, या वह "वचन" जो देहधारी हुआ।, िहमना, और िअपनों ा, वरनिहमनऔर ों 2 (यह वन रगट , और हमनउसा, और उसकगवैं, और ें उस अननवन समैं िऔर हम पर रगट )3 हमनऔर उसकसमें ैं, इसलिि हमसहभो; और हमयह सहभिि, और उसकमसै। 4 और ें हम इसलििखतैं, ि आनन1:4 तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए: उनका आनन्द पूरा हो जाता यदि उन्हें परमेश्वर के साथ और एक दूसरे के साथ संगति मिलती क्योंकि उनका वास्तविक आनन्द उनके उद्धारकर्ता से मिल सकता था।

परमवर सहभि

5 समहमनउससा, और ें ैं, वह यह ै; ि परमवर ि और उसमें धकनहीं1:5 उसमें कुछ भी अंधकार नहीं: यहाँ पर यह अभिव्यक्ति परमेश्वर के लिये सन्दर्भित किया गया हैं कि वह एकदम पूर्ण हैं और उनमें कुछ भी अपूर्ण नहीं है6 यदि हम कहें, ि उसकहमसहभिै, और िधकें चलें, हम लतैं और सतपर नहीं चलते। 7 पर यदि वह ि ें ै, हम ि ें चलें, एक सरसहभिरखतैं और उसकमसलहहमें सब ों करतै। (यशा. 2:5) 8 यदि हम कहें, ि हम ें नहीं, अपनआपकैं और हम ें सतनहीं। 9 यदि हम अपनों ें, वह हमों षमकरने, और हमें सब अधरकरनें िसयऔर धरै। (भज. 32:5, ि. 28:13) 10 यदि हम कहें ि हमननहीं िा, उसठहरैं, और उसकवचन हम ें नहीं ै।

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