मन्दिर की प्रतिष्ठा
1 तब सुलैमान ने इस्राएली पुरनियों को और गोत्रों के सब मुख्य पुरुषों को भी जो इस्राएलियों के पूर्वजों के घरानों के प्रधान थे, यरूशलेम में अपने पास इस मनसा से इकट्ठा किया, कि वे यहोवा की वाचा का सन्दूक दाऊदपुर अर्थात् सिय्योन से ऊपर ले आएँ। (प्रका. 11:19) 2 अतः सब इस्राएली पुरुष एतानीम नामक सातवें महीने के पर्व8:2 सातवें महीने के पर्व: झोपड़ियों का त्यौहार जिसमें निर्गमन के समय तम्बुओं में रहने का स्मरण किया जाता था। के समय राजा सुलैमान के पास इकट्ठे हुए। 3 जब सब इस्राएली पुरनिये आए, तब याजकों ने सन्दूक को उठा लिया। 4 और यहोवा का सन्दूक, और मिलापवाले तम्बू, और जितने पवित्र पात्र उस तम्बू में थे, उन सभी को याजक और लेवीय लोग ऊपर ले गए। 5 और राजा सुलैमान और समस्त इस्राएली मण्डली, जो उसके पास इकट्ठी हुई थी, वे सब सन्दूक के सामने इतने भेड़ और बैल बलि कर रहे थे, जिनकी गिनती किसी रीति से नहीं हो सकती थी। 6 तब याजकों ने यहोवा की वाचा का सन्दूक उसके स्थान को अर्थात् भवन के पवित्रस्थान में, जो परमपवित्र स्थान है, पहुँचाकर करूबों के पंखों के तले रख दिया। (प्रका. 11:19) 7 करूब सन्दूक के स्थान के ऊपर पंख ऐसे फैलाए हुए थे, कि वे ऊपर से सन्दूक और उसके डंडों को ढाँके थे। 8 डंडे तो ऐसे लम्बे थे, कि उनके सिरे उस पवित्रस्थान से जो पवित्रस्थान के सामने था दिखाई पड़ते थे परन्तु बाहर से वे दिखाई नहीं पड़ते थे। वे आज के दिन तक यहीं वर्तमान हैं। 9 सन्दूक में कुछ नहीं था, उन दो पटियाओं को छोड़ जो मूसा ने होरेब में उसके भीतर उस समय रखीं, जब यहोवा ने इस्राएलियों के मिस्र से निकलने पर उनके साथ वाचा बाँधी थी। 10 जब याजक पवित्रस्थान से निकले, तब यहोवा के भवन में बादल भर आया8:10 यहोवा के भवन में बादल भर आया: परमेश्वर की उपस्थिति का प्रत्यक्ष चिन्ह, वाचा के सन्दूक के आरम्भ होने से पूर्व "परमेश्वर की महिमा" जिसकी प्रतिज्ञा की गई थी (निर्ग. 29:43) और मिलापवाले तम्बू के तैयार होते ही वह उसमें समा गई थी। । 11 और बादल के कारण याजक सेवा टहल करने को खड़े न रह सके, क्योंकि यहोवा का तेज यहोवा के भवन में भर गया था। (प्रका. 15:8)