4 पर हे भाइयों, तुम तो अंधकार में नहीं हो, कि वह दिन तुम पर चोर के समान आ पड़े। 5 क्योंकि तुम सब ज्योति की सन्तान, और दिन की सन्तान हो, हम न रात के हैं, न अंधकार के हैं। 6 इसलिए हम औरों की समान सोते न रहें, पर जागते और सावधान रहें। 7 क्योंकि जो सोते हैं, वे रात ही को सोते हैं, और जो मतवाले होते हैं, वे रात ही को मतवाले होते हैं। 8 पर हम जो दिन के हैं, विश्वास और प्रेम की झिलम पहनकर और उद्धार की आशा का टोप पहनकर सावधान रहें। (यशा. 59:17) 9 क्योंकि परमेश्वर ने हमें क्रोध के लिये नहीं5:9 परमेश्वर ने हमें क्रोध के लिये नहीं: परमेश्वर की इच्छा हमें उद्धार देने की हैं, और इसलिए हमें सचेत और शान्त होना चाहिए।, परन्तु इसलिए ठहराया कि हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार प्राप्त करें।
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