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1 थिस्सलुनीकियों 5

4 पर इयों, धकें नहीं ो, ि वह िपर समपड़े। 5 ोंि सब ि सन, और िसनो, हम ैं, धकैं। 6 इसलिहम औरों समरहें, पर गतऔर वधरहें। 7 ोंि ैं, ैं, और मतवैं, मतवैं। 8 पर हम िैं, िऔर िलम पहनकर और उदआशपहनकर वधरहें। (यशा. 59:17) 9 ोंि परमवर हमें िनहीं5:9 परमेश्वर ने हमें क्रोध के लिये नहीं: परमेश्वर की इच्छा हमें उद्धार देने की हैं, और इसलिए हमें सचेत और शान्त होना चाहिए।, परनइसलिठहरि हम अपनरभमसउदकरें।

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