शरीर में काँटा
7 और इसलिए कि मैं प्रकाशनों की बहुतायत से फूल न जाऊँ, मेरे शरीर में एक काँटा चुभाया गया अर्थात् शैतान का एक दूत कि मुझे घूँसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊँ। (गला. 4:13, अय्यू. 2:6) 8 इसके विषय में मैंने प्रभु से तीन बार विनती की, कि मुझसे यह दूर हो जाए। 9 और उसने मुझसे कहा, "मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है12:9 मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है: सामर्थ्य जो मैं अपने लोगों को देता हूँ, जब वे अनुभव करेंगे कि वह कमजोर है तो और अधिक उन पर प्रकट होगा।।" इसलिए मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूँगा, कि मसीह की सामर्थ्य मुझ पर छाया करती रहे।