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2 Tessalonicenses 2

3 िि िें आनोंि वह िआएगा, जब तक िनहीं ा, और वह अधरअरिरगट ो। 4 िकरतै, और हर एक परमवर, कहलै, अपनआपकबड़ा ठहरै, यहाँ तक ि वह परमवर मनिें ठकर अपनआपकपरमवर रगट करतै। (यहे. 28:2, ि. 11:36,37)

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2 Tessalonicenses
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