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Atos 16

और ि

1 िवह िरबऔर ें गया, और वहाँ िमक एक ा। उसकाँ यहिी, परनउसकिा। 2 वह और इकिइयों ें ा। 3 इचि वह उसकचले; और यहउन जगहों ें उनकरण उसकर उसकखतनिा, ोंि सब नते, ि उसकिा। 4 और नगर-नगर उन ििों यरशलिों और ों ठहरीं, ननिउनें पहुँे। 5 इस रककलििें िगई और िनतें रतििबढगई

दरशन

6 और िऔर गलिरदों ें कर गए, ोंि पविआतउनें आसिें वचन मनिा। 7 और उनोंि16:7 मूसिया: यह आसिया माइनर का एक प्रांत था, जिसके उत्तर में प्रोपोंतिस था। िकट पहुँचकर, ििें ा; परनआतउनें िा। 8 अतिकर आस16:8 त्रोआस: ट्रोजन्स के पूरे देश को दर्शाने के लिए उपयोग किया गया है, जहाँ ट्रॉय का प्राचीन नगर खड़ा था। ें आए9 वहाँ एक दरशन ि एक मकिखड़ा , उससिनतकरककहतै, "उतरकर मकििें , और हमसहयतकर" 10 उसकयह दरशन खतहमनरनमकििा, यह समझकर ि परमवर हमें उनें समिै।

11 इसलिआस जहलकर हम और सरिििें आए12 वहाँ हम िि16:12 फिलिप्पी: इस नगर का भूतपूर्व नाम दाथोस था। सिकंदर महान के पिता, फिलिप के द्वारा इसकी मरम्मत और विभूषित हुई थी। ें पहुँे, मकििनगर, और िों बसै; और हम उस नगर ें ितक रहे। 13 सबिहम नगर टक हर नदियह समझकर गए ि वहाँ थनकरना; और ठकर उन िों इकटीं, ें करनलगे।

ि रथम ि

14 और िआतनगर ैंगनकपड़े चनएक भकरही, और रभउसकमन ा, ि ों पर लग15 और जब उसनअपनघरसमबपतििा, उसनिनती, "यदि रभििसमझतो, चलकर घर ें रहो," और वह हमें मनकर गई

आतटक

16 जब हम थनकरनजगह रहे, हमें एक िी, िसमें कहनआती; और कहनअपनिों िबहकमी। 17 वह और हमआकर िलगी, "मनपरमपरधपरमवर ैं, हमें उदकथैं।" 18 वह बहितक ऐसकरतरही, परनपर, और कर उस आतकहा, "ैं मसआजूँ, ि उसमें िकल और वह उसघड़ी िकल गई"

19 जब उसकिों ा, ि हमकमआशरही, और पकडकर ें रधों ींगए20 और उनें जदिों कर कहा, "यहैं, हमनगर ें बड़ी हलचल मचरहैं; (1 ा. 18:17) 21 और ऐसिाँ बतरहैं, िें रहण करनननहम िों िनहीं।"

और बनें

22 तब उनकिें इकटकर चढआए, और िों उनककपड़े कर उते, और उनें ेंरनआजी। 23 और बहेंलगवकर उनोंउनें बनें िऔर दरआजि उनें वधरखे। 24 उसनऐसआजकर उनें तर ठरें रखऔर उनकाँें ोंि

और बनटक

25 आधलगभग और थनकरतपरमवर भजन रहे, और उनकरहे। 26 ि इतनें अचनक एक बड़ा कम, यहाँ तक ि बनींिगई, और रनसब गए; और सब बनधन गए27 और दरउठा, और बनखकर समझि गए, अतउसनतलवींचकर अपनआपकलना। 28 परनशबरकर कहा, "अपनआपकि पहुँा, ोंि हम सब यहीं ैं।" 29 तब वह िगवकर तर आयऔर ाँपतऔर आगिा;

दरदय परिवरतन

30 और उनें हर कर कहा, "सजजनों, उदिैं करूँ?" 31 उनोंकहा, "रभमसपर िकर, और घरउदएगा।" 32 और उनोंउसकऔर उसकघर ों रभवचन ा। 33 और उसघड़ी उसनउनें कर उनक, और उसनअपनसब ों समरनबपतििा।

34 और उसनउनें अपनघर ें कर, उनकआगजन रखऔर घरसमपरमवर पर िकरकआननिा। 35 जब ितब िों ििों कहलि उन मनों ो। 36 दरें कह , "िों ें आजै, इसलिअब िकलकर शल चल" 37 परनउससकहा, "उनोंहमें मनैं, ठहरिों मनऔर बनें ा, और अब पकिैं? ऐसनहीं, परनआप आकर हमें हर ँ।" 38 ििों ें िों कह ीं, और यह नकर ि ैं, डर गए, 39 और आकर उनें मना, और हर कर िनती, ि नगर चलँ। 40 बनिकलकर ियहाँ गए, और इयों ेंकरकउनें ि ी, और चलगए

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