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Filipenses 1

9 और ैं यह थनकरतूँ, ि , और सब रकिसहिऔर बढ, 10 यहाँ तक ि उततम उततम ों ि1:10 उत्तम बातों को प्रिय जानो: सही और गलत क्या था, अच्छाई और बुराई क्या थी, इसकी समझ होना।, और मसितक सचबनरहो, और कर ; 11 और उस िकतफल मसैं, भरपिससपरमवर महिऔर ि रहे। (यशा. 15:8)

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