3 स्वार्थ या मिथ्यागर्व के लिये कुछ न करो, पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। 4 हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन् दूसरों के हित की भी चिन्ता करे।
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फिलिप्पियों 2:3,4
IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019
Em outras traduções
- OHSS Hindi Contemporary Version
3 स्वार्थ और झूठी बड़ाई से कुछ भी न करो, परंतु विनम्रता के साथ तुममें से प्रत्येक अपनी बजाय दूसरे को श्रेष्ठ समझे. 4 तुममें से हर एक सिर्फ अपनी ही भलाई का नहीं परंतु दूसरों की भलाई का भी ध्यान रखे.
- HSB Hindi Standard Bible
3 स्वार्थ से या अहंकार से कुछ न करो, बल्कि दीनता से दूसरों को अपने से श्रेष्ठ समझो, 4 प्रत्येक व्यक्ति अपने हित का ही नहीं, बल्कि दूसरों के हित का भी ध्यान रखे।
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