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Filipenses 4

11 यह नहीं ि ैं अपनघटरण यह कहतूँ; ोंि ैंयह ि िदशें ूँ, उसें सनकरूँ। 12 ैं नतूँ और बढनतूँ; हर एक और सब दशें ैंा, रहना, और बढा-घटनै। 13 मरउसमें ैं सब कर सकतूँ4:13 जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ: पौलुस जानता था कि कहाँ से सामर्थ्य को प्राप्त किया जा सकता था किसके द्वारा सब कुछ कर सकता है और वह उस बाँह पर जो उसे बनाए रखने में सक्षम था, वह आत्म-विश्वास से भरोसा करता था।

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