3 परन्तु उनके द्वारा प्रतिवर्ष पापों का स्मरण हुआ करता है। 4 क्योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लहू पापों को दूर करे10:4 क्योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लहू पापों को दूर करे: यहाँ पर यह संदर्भ बलिदान के लिये हैं जो प्रायश्चित के महान दिन पर किए जाते थे, एक पशु का लहू बहाकर कभी आत्मा शुद्ध नहीं किया जा सकता है।।
मसीह का बलिदान पर्याप्त
5 इसी कारण मसीह जगत में आते समय कहता है,
"बलिदान और भेंट तूने न चाही,
पर मेरे लिये एक देह तैयार की।
6 होमबलियों और पापबलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ।
7 तब मैंने कहा, ‘देख, मैं आ गया हूँ, (पवित्रशास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है)
ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूँ।’"
8 ऊपर तो वह कहता है, "न तूने बलिदान और भेंट और होमबलियों और पापबलियों को चाहा, और न उनसे प्रसन्न हुआ," यद्यपि ये बलिदान तो व्यवस्था के अनुसार चढ़ाए जाते हैं। 9 फिर यह भी कहता है, "देख, मैं आ गया हूँ, ताकि तेरी इच्छा पूरी करूँ," अतः वह पहले को हटा देता है, ताकि दूसरे को स्थापित करे। 10 उसी इच्छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं। (इब्रा. 10:14)