35 इसलिए, अपना साहस न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। 36 क्योंकि तुम्हें धीरज रखना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी करके तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ।
37 "क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है
जबकि आनेवाला आएगा, और देर न करेगा।
38 और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा,
और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उससे प्रसन्न न होगा।" (हब. 2:4, गला. 3:11)
39 पर हम हटनेवाले नहीं, कि नाश हो जाएँ पर विश्वास करनेवाले हैं, कि प्राणों को बचाएँ।