15 इसलिए हम उसके द्वारा स्तुतिरूपी बलिदान13:15 स्तुतिरूपी बलिदान: पापों से मुक्ति के सभी दया के लिए।, अर्थात् उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें। (भज. 50:14, भज. 50:23, होशे 14:2)
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15 इसलिए हम उसके द्वारा स्तुतिरूपी बलिदान13:15 स्तुतिरूपी बलिदान: पापों से मुक्ति के सभी दया के लिए।, अर्थात् उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें। (भज. 50:14, भज. 50:23, होशे 14:2)