3 क्योंकि इस दर्शन की बात नियत समय में पूरी होनेवाली है2:3 इस दर्शन की बात नियत समय में पूरी होनेवाली है: वर्तमान में तो नहीं परन्तु समय के अन्तराल में विकसित होकर उस समय होगी जो केवल परमेश्वर ही जानता है।, वरन् इसके पूरे होने का समय वेग से आता है; इसमें धोखा न होगा। चाहे इसमें विलम्ब भी हो, तो भी उसकी बाट जोहते रहना; क्योंकि वह निश्चय पूरी होगी और उसमें देर न होगी।