28 "उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर2:28 सब प्राणियों पर: सम्पूर्ण मानवजाति पर, जाति विशेष या व्यक्ति विशेष की कोई बात नहीं है। अपना आत्मा उण्डेलूँगा; तुम्हारे बेटे-बेटियाँ भविष्यद्वाणी करेंगी, और तुम्हारे पुरनिये स्वप्न देखेंगे, और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे। (प्रेरि. 2:17,21, तीतु. 3:6)