3 यीशु ने उसको उत्तर दिया, "मैं तुझ से सच-सच कहता हूँ3:3 मैं तुझ से सच-सच कहता हूँ: वह क्या कहना चाहता था उसकी निश्चितता और उसके महत्त्व को मजबूत अभिपुष्टि की अभिव्यक्ति को संकेत करता हैं।, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।" 4 नीकुदेमुस ने उससे कहा, "मनुष्य जब बूढ़ा हो गया, तो कैसे जन्म ले सकता है? क्या वह अपनी माता के गर्भ में दूसरी बार प्रवेश करके जन्म ले सकता है?" 5 यीशु ने उत्तर दिया, "मैं तुझ से सच-सच कहता हूँ, जब तक कोई मनुष्य जल और आत्मा से न जन्मे3:5 जल और आत्मा से न जन्मे: "जल" यहाँ स्पष्ट रूप से "बपतिस्मा" को प्रकट करता हैं।तो वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता। 6 क्योंकि जो शरीर से जन्मा है, वह शरीर है; और जो आत्मा से जन्मा है, वह आत्मा है। 7 अचम्भा न कर, कि मैंने तुझ से कहा, ‘तुझे नये सिरे से जन्म लेना अवश्य है।’ 8 हवा जिधर चाहती है उधर चलती है, और तू उसकी आवाज सुनता है, परन्तु नहीं जानता, कि वह कहाँ से आती और किधर को जाती है? जो कोई आत्मा से जन्मा है वह ऐसा ही है।" (सभो. 11:5)