4 उस समय लप्पीदोत की स्त्री दबोरा जो नबिया थी4:4 दबोरा जो नबिया थी: उसके नाम का अर्थ है मधुमक्खी, वह एक भविष्यद्वक्तिन थी। इस्राएलियों का न्याय करती थी। 5 वह एप्रैम के पहाड़ी देश में रामाह और बेतेल के बीच में दबोरा के खजूर के तले बैठा करती थी, और इस्राएली उसके पास न्याय के लिये जाया करते थे। 6 उसने अबीनोअम के पुत्र बाराक4:6 बाराक: अर्थात् बिजली: एक योद्धा के लिये उचित नाम। को केदेश नप्ताली में से बुलाकर कहा, "क्या इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने यह आज्ञा नहीं दी, कि तू जाकर ताबोर पहाड़ पर चढ़, और नप्तालियों और जबूलूनियों में के दस हजार पुरुषों को संग ले जा? 7 तब मैं याबीन के सेनापति सीसरा को रथों और भीड़भाड़ समेत कीशोन नदी तक तेरी ओर खींच ले आऊँगा; और उसको तेरे हाथ में कर दूँगा।" 8 बाराक ने उससे कहा, "यदि तू मेरे संग चलेगी तो मैं जाऊँगा, नहीं तो न जाऊँगा।" 9 उसने कहा, "निःसन्देह मैं तेरे संग चलूँगी; तो भी इस यात्रा से तेरी कुछ बढ़ाई न होगी, क्योंकि यहोवा सीसरा को एक स्त्री के अधीन कर देगा।" तब दबोरा उठकर बाराक के संग केदेश को गई।
न्यायियों 4:4-9
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- OHSS Hindi Contemporary Version
4 इस समय लप्पीदोथ की पत्नी दबोरा, जो भविष्यद्वक्तिन थी, इस्राएल पर शासन कर रही थी. 5 वह एफ्राईम के पहाड़ी प्रदेश में रामा और बेथेल के बीच एक खजूर के पेड़ के नीचे बैठा करती थी. इस्राएल वंशज न्याय पाने के लिए उसी के पास आया करते थे. 6 उसने नफताली के केदेश से अबीनोअम के पुत्र बाराक को बुलवाया और उससे कहा, "सुनो, याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर का आदेश यह है: ‘ताबोर पर्वत पर नफताली वंशजों में से तथा ज़ेबुलून वंशजों में से दस हज़ार व्यक्तियों को इकट्ठा करो. 7 मैं तुम्हारे सामने याबीन की सेना के सेनापति सीसरा को उसके रथों और उसकी सेना समेत कीशोन नदी पर ले आऊंगा और उसे तुम्हारे अधीन कर दूंगा.’ "
8 बाराक ने उसे उत्तर दिया, "यदि आप मेरे साथ चलेंगी तो मैं जाऊंगा, नहीं तो नहीं जाऊंगा."
9 दबोरा ने उसे उत्तर दिया, "मैं ज़रूर तुम्हारे साथ चलूंगी, लेकिन याद रहे, तुम जिस अभियान पर जा रहे हो, उसका श्रेय तुम्हें न मिलेगा, क्योंकि उस स्थिति में याहवेह सीसरा को एक स्त्री के अधीन कर देंगे." इस प्रकार दबोरा ने बाराक के साथ केदेश के लिए कूच किया.
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