अंजीर के पेड़ को श्राप देना
12 दूसरे दिन जब वे बैतनिय्याह से निकले तो उसको भूख लगी। 13 और वह दूर से अंजीर का एक हरा पेड़ देखकर निकट गया, कि क्या जाने उसमें कुछ पाए: पर पत्तों को छोड़ कुछ न पाया; क्योंकि फल का समय न था। 14 इस पर उसने उससे कहा, "अब से कोई तेरा फल कभी न खाए।" और उसके चेले सुन रहे थे।