जंगली बीज के दृष्टान्त की व्याख्या
36 तब वह भीड़ को छोड़कर घर में आया, और उसके चेलों ने उसके पास आकर कहा, "खेत के जंगली दाने का दृष्टान्त हमें समझा दे।" 37 उसने उनको उत्तर दिया, "अच्छे बीज का बोनेवाला मनुष्य का पुत्र है। 38 खेत संसार है, अच्छा बीज राज्य के सन्तान, और जंगली बीज दुष्ट के सन्तान हैं। 39 जिस शत्रु ने उनको बोया वह शैतान है; कटनी जगत का अन्त है: और काटनेवाले स्वर्गदूत हैं। 40 अतः जैसे जंगली दाने बटोरे जाते और जलाए जाते हैं वैसा ही जगत के अन्त में होगा। 41 मनुष्य का पुत्र अपने स्वर्गदूतों को भेजेगा, और वे उसके राज्य में से सब ठोकर के कारणों को और कुकर्म करनेवालों को इकट्ठा करेंगे। 42 और उन्हें आग के कुण्ड13:42 आग के कुण्ड: यह परमेश्वर के प्रकोप को व्यक्त करता है, जो दुष्ट लोगों पर आ पड़ेगा, और अनन्तकाल तक के लिये होगा, यह नरक की आग के रूप में भी जाना जाता है। (मत्ती 8:12; 22:13) में डालेंगे, वहाँ रोना और दाँत पीसना होगा। 43 उस समय धर्मी अपने पिता के राज्य में सूर्य के समान चमकेंगे। जिसके कान हों वह सुन ले।