12 और अधर्म के बढ़ने से बहुतों का प्रेम ठंडा हो जाएगा। 13 परन्तु जो अन्त तक धीरज धरे रहेगा, उसी का उद्धार होगा।
12 और अधर्म के बढ़ने से बहुतों का प्रेम ठंडा हो जाएगा। 13 परन्तु जो अन्त तक धीरज धरे रहेगा, उसी का उद्धार होगा।