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मत्ती 5

नमक और ि लन

13 "नमक ो; परनयदि नमक िगड, वह ििवसनमकिएगा? िवह िनहीं, वल इसकि हर ेंऔर मनों ों तलौं 14 जगत ि ो। नगर पहपर बसवह िनहीं सकता। 15 और जलकर नहीं परनवट पर रखतैं, तब उससघर सब ों रकपहुँचतै। 16 उसरकउजिमनों मनचमकि भलों खकर िी, वरें ैं, बड़ाकरें।

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