3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएँ;
वरन् उनको अपने गले का हार बनाना,
और अपनी हृदयरूपी पटिया पर लिखना। (2 कुरि. 3:3)
4 तब तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा,
तू अति प्रतिष्ठित होगा। (लूका 2:52, रोम. 12:17, 2 कुरि. 8:21)
3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएँ;
वरन् उनको अपने गले का हार बनाना,
और अपनी हृदयरूपी पटिया पर लिखना। (2 कुरि. 3:3)
4 तब तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा,
तू अति प्रतिष्ठित होगा। (लूका 2:52, रोम. 12:17, 2 कुरि. 8:21)