Pular para o conteúdo
Publicidade

नीतिवचन 31:10,13-18,20,24

सदाचारी पत्नी

10 भली पत्नी कौन पा सकता है?

क्योंकि उसका मूल्य मूँगों से भी बहुत अधिक है।

13 वह ऊन और सन ढूँढ़ ढूँढ़कर,

अपने हाथों से प्रसन्नता के साथ काम करती है।

14 वह व्यापार के जहाजों के समान अपनी भोजनवस्तुएँ दूर से मँगवाती है।

15 वह रात ही को उठ बैठती है,

और अपने घराने को भोजन खिलाती है

और अपनी दासियों को अलग-अलग काम देती है।

16 वह किसी खेत के विषय में सोच विचार करती है

और उसे मोल ले लेती है; और अपने परिश्रम के फल से दाख की बारी लगाती है।

17 वह अपनी कमर को बल के फेंटे से कसती है,

और अपनी बाहों को दृढ़ बनाती है। (लूका 12:35)

18 वह परख लेती है कि मेरा व्यापार लाभदायक है।

रात को उसका दिया नहीं बुझता।

20 वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है,

और दरिद्र को सम्भालने के लिए हाथ बढ़ाती है।

24 वह सन के वस्त्र बनाकर बेचती है;

और व्यापारी को कमरबन्द देती है।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.