15 वह रात ही को उठ बैठती है,
और अपने घराने को भोजन खिलाती है
और अपनी दासियों को अलग-अलग काम देती है।
15 वह रात ही को उठ बैठती है,
और अपने घराने को भोजन खिलाती है
और अपनी दासियों को अलग-अलग काम देती है।
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